23 अगस्त 2026

डॉ. आशुतोष दास शर्मा

प्रोस्टेट कैंसर — 50 वर्ष के बाद स्क्रीनिंग की गाइड

50 की उम्र के बाद स्क्रीनिंग पर बात करना क्यों ज़रूरी है

प्रोस्टेट कैंसर कई बार धीरे-धीरे बढ़ता है और शुरुआत में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। इसलिए स्क्रीनिंग उपयोगी हो सकती है — लेकिन यह कहना सही नहीं है कि 50 साल से ऊपर हर पुरुष को हर साल पीएसए जाँच करानी ही चाहिए।

वर्तमान प्रमुख दिशानिर्देश स्क्रीनिंग शुरू करने की उम्र और जाँच के अंतराल को लेकर थोड़ा अलग दृष्टिकोण रखते हैं। लेकिन एक बात पर सहमति है: प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग एक व्यक्तिगत और सोच-समझकर लिया गया निर्णय होना चाहिए — जिसमें उम्र, पारिवारिक इतिहास, सामान्य स्वास्थ्य, जीवन प्रत्याशा, पीएसए स्तर और व्यक्ति की अपनी प्राथमिकताएँ शामिल हों।

किसे और कब स्क्रीनिंग पर डॉक्टर से बात करनी चाहिए?

सामान्य जोखिम वाले पुरुष: अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार, जिन पुरुषों के अगले कम-से-कम 10 वर्ष स्वस्थ रहने की संभावना है, उन्हें 50 वर्ष की उम्र से स्क्रीनिंग के लाभ और जोखिम पर डॉक्टर से बातचीत करनी चाहिए। अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन 50–69 वर्ष की उम्र में नियमित स्क्रीनिंग की पेशकश करने की सलाह देता है, लेकिन अंतराल व्यक्ति के अनुसार तय किया जाना चाहिए।

यू.एस. प्रिवेंटिव सर्विसेज़ टास्क फोर्स 55–69 वर्ष की उम्र में पीएसए-आधारित स्क्रीनिंग को व्यक्तिगत निर्णय मानता है। यानी स्क्रीनिंग कराने से पहले संभावित लाभ और नुकसान पर डॉक्टर से चर्चा करना ज़रूरी है।

अधिक जोखिम वाले पुरुष: प्रोस्टेट कैंसर का मजबूत पारिवारिक इतिहास या कुछ आनुवंशिक बदलाव स्क्रीनिंग पर पहले चर्चा करने का कारण हो सकते हैं। यदि आपके पिता या भाई को प्रोस्टेट कैंसर रहा है — खासकर कम उम्र में — तो स्क्रीनिंग कब शुरू करनी है, यह तय करने से पहले डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।

70 वर्ष से अधिक उम्र: यू.एस. प्रिवेंटिव सर्विसेज़ टास्क फोर्स सामान्य रूप से नियमित स्क्रीनिंग की सलाह नहीं देता, क्योंकि इस उम्र में लाभ की संभावना कम हो सकती है जबकि गलत सकारात्मक परिणाम, अनावश्यक बायोप्सी और ऐसे कैंसर का पता चलने का जोखिम बढ़ सकता है जिनका जीवन पर असर न पड़े। फिर भी, बहुत अच्छे सामान्य स्वास्थ्य वाले कुछ पुरुषों में निर्णय व्यक्तिगत आधार पर लिया जा सकता है।

स्क्रीनिंग की पहली जाँच क्या होती है?

मुख्य स्क्रीनिंग जाँच रक्त में पीएसए — प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन की जाँच है। पीएसए प्रोस्टेट द्वारा बनाया जाने वाला एक प्रोटीन है। इसका स्तर बढ़ा हुआ होने पर प्रोस्टेट कैंसर की संभावना हो सकती है, लेकिन सिर्फ बढ़ा हुआ पीएसए कैंसर की पुष्टि नहीं करता।

प्रोस्टेट का सामान्य रूप से बढ़ जाना, प्रोस्टेट में सूजन या संक्रमण, पेशाब रुकना या मूत्र मार्ग से जुड़ी हाल की कुछ प्रक्रियाएँ भी पीएसए बढ़ा सकती हैं। इसलिए एक बार पीएसए बढ़ने पर तुरंत कैंसर मान लेना सही नहीं है।

क्या हर पुरुष को डिजिटल रेक्टल एग्ज़ाम कराना चाहिए?

ज़रूरी नहीं। डॉक्टर कुछ परिस्थितियों में पीएसए के साथ डिजिटल रेक्टल एग्ज़ाम (डीआरई) का उपयोग जोखिम का आकलन करने के लिए कर सकते हैं। लेकिन स्क्रीनिंग में पीएसए रक्त जाँच की केंद्रीय भूमिका है और डीआरई का उपयोग व्यक्ति की स्थिति तथा अपनाए जा रहे दिशानिर्देश पर निर्भर करता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्क्रीनिंग उन पुरुषों के लिए होती है जिनमें कोई लक्षण नहीं हैं। यदि पहले से पेशाब या अन्य चिंताजनक लक्षण हैं, तो केवल नियमित स्क्रीनिंग का इंतज़ार करने के बजाय डॉक्टर से चिकित्सकीय जाँच करानी चाहिए।

अगर पीएसए बढ़ा हुआ आए तो क्या होगा?

बढ़ा हुआ पीएसए आगे जाँच की जरूरत का संकेत है — घबराने का कारण नहीं।

  • पहला कदम: डॉक्टर आपकी उम्र, लक्षण, पारिवारिक इतिहास, दवाइयों और पिछले पीएसए परिणामों को देखते हैं।
  • दूसरा कदम: यदि पीएसए बढ़ने का कोई अस्थायी कारण हो सकता है, तो जाँच दोबारा की जा सकती है।
  • तीसरा कदम: जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय परीक्षण, प्रमाणित जोखिम आकलन या अन्य रक्त/मूत्र जाँचों की मदद ली जा सकती है।
  • चौथा कदम: यदि कैंसर का जोखिम पर्याप्त बना रहता है, तो कुछ मरीजों में बायोप्सी से पहले प्रोस्टेट एमआरआई पर विचार किया जा सकता है।
  • पाँचवाँ कदम: जब ऊतक की पुष्टि आवश्यक हो, तब प्रोस्टेट बायोप्सी से कैंसर का निदान किया जाता है।

पीएसए की कोई एक संख्या ऐसी नहीं है जो हर पुरुष में कैंसर और गैर-कैंसर को पूरी तरह अलग कर सके। परिणाम को पूरी चिकित्सकीय स्थिति के संदर्भ में समझना चाहिए।

पीएसए कितने अंतराल पर कराना चाहिए?

हर पुरुष के लिए एक ही अंतराल सही नहीं होता। अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन/एसयूओ के दिशानिर्देश 50–69 वर्ष की उम्र में कई पुरुषों के लिए 2–4 वर्ष के अंतराल पर दोबारा स्क्रीनिंग की अनुमति देते हैं, लेकिन उम्र, पीएसए स्तर, जोखिम और स्वास्थ्य के अनुसार अंतराल को व्यक्तिगत बनाया जा सकता है।

कुछ पुरुषों को अधिक बार निगरानी की आवश्यकता हो सकती है, जबकि कम पीएसए और कम जोखिम वाले पुरुषों में जाँच के बीच अधिक समय रखा जा सकता है। इसलिए हर व्यक्ति के लिए हर साल पीएसए जाँच जरूरी नहीं है।

50, 60 या 70 साल — आपको क्या करना चाहिए?
  • 50 वर्ष: यदि आपका जोखिम सामान्य है और स्वास्थ्य अच्छा है, तो पीएसए स्क्रीनिंग के बारे में डॉक्टर से बातचीत शुरू करें। यह मानकर न चलें कि जाँच अनिवार्य है।
  • 55–69 वर्ष: इस उम्र में पीएसए स्क्रीनिंग के लाभ और नुकसान पर व्यक्तिगत निर्णय लेना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर से चर्चा करें।
  • 70 वर्ष से अधिक: सामान्य रूप से नियमित स्क्रीनिंग की सलाह नहीं दी जाती, खासकर तब जब स्वास्थ्य या जीवन प्रत्याशा के कारण लाभ की संभावना कम हो। कुछ स्वस्थ पुरुषों में निर्णय व्यक्तिगत रूप से लिया जा सकता है।
स्क्रीनिंग का मतलब तुरंत इलाज नहीं है

यह बात बहुत से पुरुषों को पता नहीं होती। प्रोस्टेट कैंसर मिलने का मतलब यह नहीं है कि तुरंत सर्जरी या रेडिएशन की जरूरत होगी। कुछ प्रोस्टेट कैंसर बहुत धीरे बढ़ते हैं और उन्हें सक्रिय निगरानी के माध्यम से सुरक्षित रूप से मॉनिटर किया जा सकता है।

अच्छी स्क्रीनिंग का उद्देश्य सिर्फ अधिक से अधिक कैंसर ढूँढना नहीं है। उद्देश्य ऐसे कैंसर का समय पर पता लगाना है जो वास्तव में महत्वपूर्ण हो सकता है — और साथ ही अनावश्यक जाँच और इलाज से बचना भी है।

लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें

स्क्रीनिंग बिना लक्षण वाले पुरुषों के लिए होती है। यदि पेशाब शुरू करने में कठिनाई, पेशाब की धार कमजोर या रुक-रुक कर आना, पेशाब या वीर्य में खून, लगातार हड्डियों में दर्द या अन्य असामान्य पेशाब संबंधी लक्षण हों, तो डॉक्टर से मिलें। इन लक्षणों के कई कारण हो सकते हैं — जिनमें गैर-कैंसर वाली प्रोस्टेट की समस्याएँ भी शामिल हैं — लेकिन इनकी उचित जाँच जरूरी है।

50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों के लिए आसान चेकलिस्ट
  • जानें कि आपके पिता, भाई या किसी करीबी रिश्तेदार को प्रोस्टेट कैंसर रहा है या नहीं।
  • यदि परिवार में किसी आनुवंशिक कैंसर या जेनेटिक जाँच की जानकारी है, तो डॉक्टर को बताएं।
  • पूछें कि आपके लिए पीएसए स्क्रीनिंग उचित है या नहीं।
  • यदि पीएसए बढ़ा हुआ है, तो इसे तुरंत कैंसर न मानें।
  • पूछें कि पीएसए दोबारा करना है या आगे जोखिम का आकलन जरूरी है।
  • स्क्रीनिंग का अंतराल व्यक्तिगत रखें — हर साल अपने-आप जाँच कराने की आदत न बनाएं।
रायपुर और छत्तीसगढ़ के पुरुषों के लिए एक जरूरी बात

50 वर्ष की उम्र स्वास्थ्य को लेकर अधिक सजग होने का अच्छा समय है — लेकिन प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग सिर्फ उम्र देखकर तय नहीं होनी चाहिए। पारिवारिक इतिहास, आपका सामान्य स्वास्थ्य और आपकी अपनी प्राथमिकताएँ भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।

यदि आपको समझ नहीं आ रहा कि पीएसए जाँच आपके लिए जरूरी है या नहीं, तो जाँच कराने से पहले डॉक्टर से चर्चा करें। और यदि पीएसए का परिणाम सामान्य से अधिक आता है, तो याद रखें: असामान्य स्क्रीनिंग परिणाम जाँच की शुरुआत है, अंतिम निष्कर्ष नहीं।

संदेश

"50 वर्ष के बाद प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग किसी एक तय नियम का पालन करने भर का नाम नहीं है। अपने जोखिम को समझना, पीएसए जाँच के लाभ और सीमाओं पर चर्चा करना और अपने लिए सही निर्णय लेना अधिक महत्वपूर्ण है।"

यदि आपकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है और आप निश्चित नहीं हैं कि आपको पीएसए जाँच करानी चाहिए या नहीं, तो स्क्रीनिंग से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।

— डॉ. आशुतोष दास शर्मा, Radiation Oncologist, AOI-BCR, जोरा, रायपुर